कामचोर पाठ के प्रश्न उत्तर class 7 ॥ Kamchor Class 7 Question Answer ॥ Kaamchor Hindi Class 7 Question Answer

वस्तुनिष्ठ प्रश्न:
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए –
प्रश्न 1. वाद-विवाद के बाद तय हुआ कि –
(क) नौकरों को आराम करने दिया जाय
(ख) नौकरों को निकाल दिया जाय
(ग) नौकरों को बहाल किया जाय
(घ) नौकरों का वेतन रोक दिया जाय
उत्तर :
(ख) नौकरों को निकाल दिया जाय।
प्रश्न 2. तूफान गुजरने के बाद पता चला कि :
(क) प्याले टूट गए
(ख) प्याले भरे हुए हैं
(ग) प्याले खाली हैं
(घ) प्याले गायब हैं
उत्तर :
(ग) प्याले खाली हैं।
प्रश्न 3. भैंस के पिछले दो पैर कहाँ बाँधे गए?
(क) खूँट से
(ख) पेड़ के तने से
(ग) बिजली के खंभे से
(घ) चाचा जी की चारपाई के पायों से
उत्तर :
(घ) चाचा जी की चारपाई के पायों से।
लघूत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1. किन्हें कामचोर कहा गया है?
उत्तर :
घर के नौकरों को कामचोर कहा गया है।
प्रश्न 2. बच्चों को क्या धमकी मिली?
उत्तर :
बच्चों को धमकी मिली कि अगर वे काम नहीं करेंगे तो उन्हें रात का खाना नहीं दिया जाएगा।
प्रश्न 3. शाही फरमान जारी होने का क्या अर्थ है?
उत्तर :
शाही फरमान जारी होने का अर्थ है राजा द्वारा दिया गया ऐसा आदेश, जिसे मानना जरूरी होता है और जिसे टाला नहीं जा सकता।
प्रश्न 4. ‘फौज मैदान में हथियार फेंक कर पीठ दिखा गई’ – इस पंक्ति में पीठ दिखाने का क्या अर्थ है?
उत्तर :
पीठ दिखाने का अर्थ है हार मान लेना या डरकर भाग जाना। यहाँ बच्चों के बारे में कहा गया है कि वे पहले तो झगड़ रहे थे, लेकिन घर के बड़े लोगों के आते ही चुपचाप वहाँ से भाग गए।
प्रश्न 5. नानी अम्मा के सफेद दूध जैसी चादर पर कैसी छाप पड़ी?
उत्तर :
नानी अम्मा की सफेद चादर पर कत्थे और चूने में सने हुए मुर्गी के पंजों की छाप उस पार कूदने से पड़ गई।
बोधमूलक प्रश्न:
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1. आखिर में मोटे किस काम के हैं? किनके बारे में कहा गया है और क्यों?
उत्तर :
यह बात घर के नौकरों के बारे में कही गई है, क्योंकि वे कामचोर हैं। वे खुद से कोई काम नहीं करते और छोटी-छोटी बातों में भी मेहनत नहीं करना चाहते। इसलिए कहा गया है कि ऐसे मोटे होने का क्या फायदा, जब वे काम ही न करें।
प्रश्न 2. अम्मा आगरा जाने के लिए सामान क्यों बाँधने लगी?
उत्तर :
अब्बा ने घर के बच्चों से काम करने को कहा। बच्चे काम करने के बजाय शोर-शराबा और उत्पात करने लगे। घर की हालत बहुत खराब हो गई और चारों ओर अव्यवस्था फैल गई। यह सब देखकर अम्मा परेशान हो गईं और आगरा जाने के लिए सामान बाँधने लगीं।
प्रश्न 3. बच्चों ने घर की क्या दुर्दशा की?
उत्तर :
बच्चों ने सबसे पहले सफाई के लिए झाड़ू के सींके अलग कर दिए। पानी छिड़क कर धूल को कीचड़ बना दिया। नल पर आपस में मारपीट करने लगे। मुर्गियों को हाँकने लगे तो मुर्गियाँ दौड़-दौड़ कर उत्पात मचाने लगीं और घर गंदा होने लगा। भेड़ें भी दौड़कर अव्यवस्था फैला रही थीं और भैंसें भी भागने लगीं। घर में पूरा तूफान खड़ा हो गया। घर में मुर्गियाँ, भेड़ें, टूटे हुए तसले, बाल्टियाँ, लोटे और बच्चे ही नजर आ रहे थे। इस तरह बच्चों ने घर की पूरी दुर्दशा कर दी।
प्रश्न 4. कामचोर कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
कहानी यह बताती है कि बच्चों के शरारती और उत्पाती होने का कारण है कि उन्हें सही तरह से पढ़ाई और सही समझ नहीं दी जाती। जब बच्चे शरारती या जिद्दी हो जाते हैं, तो घर में अव्यवस्था फैल जाती है और माता-पिता परेशान हो जाते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों को समझाकर और सही तरीके से बताकर काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
प्रश्न 5. अब चाहे कुछ भी हो जाए, हिलकर पानी भी नहीं पीयेंगे।’ बच्चों के इस निर्णय से आप सहमत हैं या असहमत। अपना विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर :
बच्चों के इस निर्णय से सहमत नहीं किया जा सकता। बच्चों को हमेशा बड़ों और माता-पिता की बात माननी चाहिए और उनके दिए हुए दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्हें बिल्कुल आलसी नहीं होना चाहिए।
निर्देशानुसार उत्तर दीजिए –
(क) ‘ऐे हे खुदा के लिए नहीं। घर में बाढ़ आ जाएगी।’
प्रश्न 1. यह किसका कथन है? और कब कहा गया है?
उत्तर :
यह अम्मा का कथन है। यह कथन उस समय कहा गया जब अब्बा ने बच्चों को काम करने के लिए कहा।
प्रश्न 2. वक्ता के ऐसा कहने का कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
वक्ता ने इसलिए ऐसा कहा कि अगर सभी बच्चे एक साथ फर्श की सफाई और पेड़ों की सिंचाई करेंगे तो घर में पानी ही पानी हो जाएगा। मतलब यह कि सब जगह पानी फैल जाएगा और गंदगी बढ़ जाएगी।
(ख) हमलोगों को तुरंत आंगन में निकाला गया।
प्रश्न 1. इस पंक्ति के लेखक और पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर :
इस पंक्ति की लेखिका इस्मत चुगताई हैं। इस पाठ का नाम कामचोर है।
प्रश्न 2. बच्चों को आँगन में क्यों निकाला गया?
उत्तर :
बच्चों को फर्श की सफाई करने का काम दिया गया। बच्चे फर्श पर बिछी दरी को झाड़ने और पीटने लगे। सारा घर धूल से भर गया। सब खांसते-खांसते परेशान हो गए। उनके सिर, नाक और आँखों में धूल चली गई। सबका बुरा हाल हो गया। इसलिए बच्चों को आँगन में निकाल दिया गया।
(ग) ‘या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।’
प्रश्न 1. यह किसका कथन है?
उत्तर :
यह कथन अम्मा का है।
प्रश्न 2. वक्ता के ऐसा कहने का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर :
वक्ता के ऐसा कहने का परिणाम यह हुआ कि अब्बा ने सभी बच्चों को कतार में खड़ा किया और सख्त आदेश दिया कि अगर किसी बच्चे ने घर की किसी चीज को हाथ लगाया तो उसका रात का खाना बंद कर दिया जाएगा।
भाषा बोध
1. निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग एवं मूल शब्द पृथक् कीजिए :
- बेदम – उपसर्ग: बे, मूल शब्द: दम
- बेनकेल – उपसर्ग: बे, मूल शब्द: नकेल
- लापरवाह – उपसर्ग: ला, मूल शब्द: परवाह
- बेधुली – उपसर्ग: बे, मूल शब्द: धुली
2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :
| शब्द | मूल शब्द | प्रत्यय |
|---|---|---|
| सुराहियाँ | सुराही | याँ |
| झटकना | झटक | ना |
| बालटियाँ | बालटी | याँ |
| दमदार | दम | दार |
| फड़फड़ाती | फड़फड़ | आती |
| लुढ़कती | लुढ़क | ती |
3. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
| शब्द | पर्यायवाची शब्द |
|---|---|
| पलंग | खाट, खटिया, बिछौना |
| गंध | खुशबू, सुवास, महक |
| तीर | बाण, सूपी, तीरंदाज़ी का तीर |
| मातम | शोक, दु:ख, विलाप |
| पानी | जल, नीर, आप |
4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :
- घमासान – बच्चों ने खेल में पूरा घमासान मचाया।
- आँगन – सुबह-सुबह बच्चे आँगन में खेल रहे थे।
- तनख्वाह – हर महीने नौकर अपनी तनख्वाह पाने आते हैं।
- सेना – सेना ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
- व्याकुल – परीक्षा के परिणाम आने से छात्र व्याकुल हो गए।
5. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
| शब्द | विलोम शब्द |
|---|---|
| असली | नकली |
| शांति | अशांति |
| खाली | भरा |
| भला | बुरा |
| मोटा | पतला |
| वाद | विवाद |
इस्मत चुगताई का जीवन परिचय
इस्मत चुगताई (1915-1991) उर्दू साहित्य की एक प्रमुख लेखिका थीं। उनका जन्म 21 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। बचपन जोधपुर में बीता और उन्होंने अलीगढ़ महिला कॉलेज से बीए और बीएड की डिग्री प्राप्त की। इस्मत चुगताई ने अपने लेखन में महिलाओं के मनोविज्ञान, समाज की रूढ़िवादिता और यौन जीवन जैसे विषयों पर साहसिक और निडर ढंग से लिखा। उनकी कहानी ‘लिहाफ’ बहुत प्रसिद्ध हुई और इसके कारण विवाद भी हुआ, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
उन्होंने कई उपन्यास और कहानी संग्रह लिखे, जैसे टेढ़ी लकीर, जिद्दी, दिल की दुनिया, कलियाँ, चोटें और एक रात। इसके अलावा उन्होंने फिल्मों की पटकथा भी लिखी, जिनमें आरजू, फरैब और सोने की चिड़िया शामिल हैं। उन्हें उनकी कहानी ‘गर्म हवा’ के लिए फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला।
इस्मत चुगताई को 1976 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया। उनका निधन 24 अक्टूबर 1991 को मुंबई में हुआ। अपने निडर लेखन और समाज के खिलाफ साहसिक दृष्टिकोण की वजह से उन्होंने महिलाओं की आवाज़ को नई पहचान दी।
कामचोर कहानी का सारांश
बड़ी देर के वाद‑विवाद के बाद सभी कामचोर और आलसी नौकरों को निकाल देने का निश्चय हुआ। फिर यह प्रस्ताव रखा गया कि सारे दिन ऊधम मचाने वाले बच्चों को काम करना होगा और उन्हें वेतन मिलेगा।
पानी के मटकों के पास ही घमासान शुरू हो गया। मटके इधर‑उधर गिरने लगे और बच्चे भीग गए। यह देखकर अम्मा ने सोचा कि बच्चों से काम करवाना आसान नहीं है। अब्बा मियाँ ने आदेश दिया कि जो काम नहीं करेगा, उसे रात का खाना नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को मैली दरी साफ करनी है, आँगन से कूड़ा हटाना है और पेड़ों में पानी देना है। वेतन की बात सुनकर बच्चे काम में लग गए।
सर्वप्रथम बच्चे फर्श पर बिछी दरी झटकने लगे, जिससे धूल उनके सिर, नाक और आँखों में चली गई। फिर उन्होंने झाड़ू उठाकर हाथ मारने लगे। अम्मा यह देखकर सिर पकड़कर परेशान हो गईं। बच्चों ने दरी पर पानी छिड़क दिया, जिससे धूल कीचड़ में बदल गई। इसके बाद सबको आँगन में ले जाया गया और पेड़ों को पानी देने के लिए बाल्टी, लोटा, तसला और कटोरे लेकर नल पर टूट पड़े। कीचड़ में बच्चे पूरी तरह लथपथ हो गए।
अंत में नौकरों और पास के बंगलों से मदद ली गई और बच्चों को नहलाया गया। बच्चों ने सोचा कि सफाई और पेड़ों की देखभाल का काम उनके बस का नहीं है। अब वे बाँस और छड़ी लेकर मुर्गियाँ हँकाने लगे। मुर्गियाँ इधर‑उधर कूद गईं।
याले की खीर दीदी के दुपट्टे पर गिर गई। एक मुर्गा अम्मा के पानदान में कूद पड़ा और पंजों के निशान उनकी सफेद चादर पर छप गए। एक मुर्गी दाल की पतीली में गिरकर भागी, जिससे कीचड़ मौसी जी के मुँह पर पड़ गया। फिर भेड़ों को दाना खिलाने की कोशिश हुई, लेकिन वे सूप और तरकारी पर झपट पड़ीं।
बच्चे भैंसों का दूध दुहने लगे। भैंसें बाल्टी को दूर खींच रही थीं और दूध गिलास‑कटोरे में गिर रहा था। घर में ऐसा लग रहा था जैसे सब चीजें और बच्चे एक साथ तूफान मचा रहे हों।
अंत में बच्चे बाहर किए गए, मुर्गियाँ बाग में छोड़ दी गईं और तरकारी सुरक्षित रखी गई। अम्मा आगरा जाने के लिए सामान बाँधने लगीं और कहा कि बच्चे राज कायम होने पर वे यहाँ नहीं रह सकतीं। अब्बा ने बच्चों को सख्त आदेश दिया कि घर की किसी चीज़ को हाथ न लगाएं। बच्चों ने निश्चय किया कि अब वे पानी भी बिना अनुमति नहीं पिएँगे।
शब्दार्थ
- कामचोर – आलसी, जो काम करने से बचता है
- फरमान – आज्ञा, आदेश
- तनख्वाह – वेतन, मजदूरी
- हवाला – उदाहरण, दृष्टांत
- कुमक‑सेना की टुकड़ी – एक छोटी सैनिक टीम
- लथपथ – भीगा हुआ, गीला‑चिपचिपा
- मोरी – नाली, पानी बहाने की जगह
- दालान – बरामदा, बैठक
- बटालियन – पलटन, सेना की इकाई
- हरगिज – बिल्कुल, किसी भी हालत में नहीं
- दबैल – दब्बू, डरपोक
- घमासान – गहरी लड़ाई, जोरदार संघर्ष
- फर्शी – फर्श पर बिछाने वाली दरी
- धुआँधार – बड़े जोर से, भारी
- धींगा‑मुश्ती – झगड़ा या मारपीट
- दड़ा – मुर्गियों के रहने की जगह
- बेनकेल – बिना नकेल के, बंधनहीन
- मातम – शोक मनाना, दुःख व्यक्त करना
- कोर्ट मार्शल – सैनिक अदालत में सुनवाई
- विरुद्ध – खिलाफ, विरोध में
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