बादल चले गए वे कविता Question Answer ॥ Badal Chale Gaye Ve Class 6 Question Answer

वस्तुनिष्ठ प्रश्न :
प्रश्न 1. किसने अपने चित्रों से आकाश सजाया ?
(क) वर्षा ने
(ख) सूर्य ने
(ग) तारों ने
(घ) बादल ने
उत्तर :
(घ) बादल ने।
प्रश्न 2. बादल के जाने के बाद आसमान कैसा दिखाई देता है ?
(क) हरा
(ख) सफेद
(ग) काला
(घ) नीला
उत्तर :
(घ) नीला।
प्रश्न 3. इस जग में मनुष्य के संगी कौन हैं ?
(क) सुख
(ख) दुःख
(ग) सुख -दुःख दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) सुख -दुःख दोनों।
लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1. कौन अपनी छवि से चित्त चुरा लेता है ?
उत्तर :
बादल अपनी सुंदर छवि से सबका मन मोह लेता है और चित्त चुरा लेता है।
प्रश्न 2. धरती का रंग कैसा दिखाई देता है ?
उत्तर :
धरती का रंग पीला दिखाई देता है।
प्रश्न 3. पाहुन किसे कहा गया है ?
उत्तर :
पाहुन आकाश में आकर चले जाने वाले बादल को कहा गया है।
प्रश्न 4. शिशिर ऋतु का प्रभात कैसा होता है?
उत्तर :
शिशिर ऋतु का प्रभात चमकीला तथा ओस के कणों से भीगा होता है।
बोधमूलक प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1. आसमान अब नीला-नीला क्यों दिखाई देने लगा है ?
उत्तर :
बादलों के चले जाने के बाद आकाश साफ हो गया, इसलिए उसका असली रंग नीला दिखाई देने लगा।
प्रश्न 2. बादलों ने सूने आकाश को किस प्रकार सजाया ?
उत्तर :
बादलों ने सूने आकाश में सुंदर और रंग-बिरंगे चित्र बनाकर उसे सजा दिया। वे अपने बदलते रूप और रंगों से आकाश को आकर्षक बना देते हैं।
प्रश्न 3. सुख-दुःख जीवन के संगी क्यों कहे गए हैं ?
उत्तर :
सुख और दुःख जीवन में हमेशा आते-जाते रहते हैं। कभी सुख मिलता है तो कभी दुःख, इसलिए दोनों हमेशा हमारे साथ रहते हैं। इसी कारण उन्हें जीवन के संगी कहा गया है।
4. बादल चले गये वे कविता का मूल भाव लिखिए।
उत्तर: त्रिलोचन की कविता ‘बादल चले गये वे’ का मूलभाव यह है कि प्रकृति के माध्यम से जीवन के गहरे सत्य को समझाया गया है।
कवि बताते हैं कि बादल आकाश में आकर उसे सुंदर बनाते हैं और फिर कुछ समय बाद चले जाते हैं। उनके आने से आकाश रंग-बिरंगा और मनमोहक हो जाता है, लेकिन उनका ठहराव हमेशा के लिए नहीं होता।
इसी प्रकार, जीवन में सुख और दुःख भी स्थायी नहीं होते। कभी खुशी आती है तो कभी दुःख, और यह क्रम चलता रहता है। जीवन हमेशा बदलता रहता है, जैसे आकाश में बादल आते-जाते रहते हैं। कवि ने बादलों की तुलना मेहमान (पाहुन) से की है, जो थोड़े समय के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं।
इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में कोई भी स्थिति स्थायी नहीं होती, इसलिए हमें हर परिस्थिति को समझदारी और धैर्य के साथ स्वीकार करना चाहिए।
निर्देशानुसार उत्तर दीजिए –
(क) बना-बनाकर चित्र सलोने, यह सूना आकाश सजाया।
(i) पाठ और कवि का नाम बताइए।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश ‘बादल चले गए वे’ पाठ से लिया गया है। इसके कवि त्रिलोचन हैं।
(ii) उपर्युक्त पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
इस पंक्ति का अर्थ है कि बादलों ने अपने सुंदर और रंग-बिरंगे रूप से खाली आकाश को बहुत सुंदर बना दिया। वे तरह-तरह के चित्र बनाकर आकाश को आकर्षक बना देते हैं।
(ख) “शिशिर प्रभात समुज्ज्वल गीला, बादल चले गये वे”
(i) ‘शिशिर प्रभात’ का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
‘शिशिर प्रभात’ का अर्थ है शीतकाल की सुबह, जो ठंडी, चमकीली और ओस के कणों से भीगी होती है।
(ii) उपर्युक्त पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
इस पंक्ति का भाव है कि शीतकाल की उजली और ओस से भीगी हुई सुबह में बादल आकाश से चले गए हैं। उनके जाने के बाद आकाश साफ और नीला दिखाई देने लगता है तथा वातावरण सुंदर और शांत हो जाता है।
भाषा बोध –
(क) निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द लिखो :
आसमान : आकाश, गगन, नभ
बादल : मेघ, घन, जलद
धरती : पृथ्वी, धरा, भूमि
अश्रु : आँसू, नयन-जल, लोचन-जल
सुख : आनंद, खुशी, प्रसन्नता
(ख) दिए गए शब्दों के विलोम लिखिए :
राग : विराग
एक : अनेक
दिन : रात
जीवन : मरण
श्याम : श्वेत
विचार एवं कल्पना
प्रश्न 1. वर्षा ऋतु के बाद किस ऋतु का आगमन होता है? उस ऋतु में प्रकृति का रूप कैसा दिखाई पड़ता है?
उत्तर :
वर्षा ऋतु के बाद शरद ऋतु का आगमन होता है। इस ऋतु में आकाश बिल्कुल साफ और नीला दिखाई देता है। बादल छँट जाते हैं और हल्की धूप चारों ओर फैल जाती है। पेड़-पौधे हरे-भरे और ताजगी से भरे हुए लगते हैं। खेतों में फसलें लहलहाने लगती हैं, जिससे वातावरण बहुत सुंदर लगता है। हवा शीतल और सुहावनी हो जाती है। रात में चाँदनी बहुत उजली और आकर्षक दिखाई देती है। इस प्रकार शरद ऋतु में प्रकृति का रूप अत्यंत सुंदर, शांत और मनमोहक हो जाता है।
प्रश्न 2. बादल और पाहुन में क्या-क्या समानताएँ हैं?
उत्तर :
बादल और पाहुन दोनों ही थोड़े समय के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं। दोनों का आगमन अचानक होता है और वे अधिक समय तक नहीं ठहरते। जैसे पाहुन घर आकर खुशी देता है, वैसे ही बादल आकर आकाश को सुंदर बनाते हैं और वर्षा करके आनंद देते हैं। इसलिए दोनों में यह समानता है कि वे आते हैं, खुशियाँ देते हैं और फिर लौट जाते हैं।
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