वह चिड़िया जो कविता कक्षा 6 प्रश्न उत्तर ॥ Vah Chidiya Jo Class 6 Question Answer

वह चिड़िया जो कविता कक्षा 6 प्रश्न उत्तर ॥ Vah Chidiya Jo Class 6 Question Answer॥ Vah Chidiya Jo Ke Question Answer

वह चिड़िया जो कविता कक्षा 6 प्रश्न उत्तर ॥ Vah Chidiya Jo Class 6 Question Answer॥ Vah Chidiya Jo Ke Question Answer

वस्तुनिष्ठ प्रश्न :

प्रश्न 1. चिड़िया के पंख हैं –
(क) नीले
(ख) पीले
(ग) हरे
(घ) लाल

उत्तर :
(क) नीले।

प्रश्न 2. चिड़िया कैसी है ?
(क) मोटी
(ख) बड़ी
(ग) छोटी
(घ) काली

उत्तर :
(ग) छोटी।

प्रश्न 3. चिड़िया किसके लिए गाती है ?
(क) आदमी के लिए
(ख) बच्चों के लिए
(ग) पशु-पक्षियों के लिए
(घ) बूढ़े वन-बाबा के लिए

उत्तर :
(घ) बूढ़े वन-बाबा के लिए।

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1. कविता में कैसी चिड़िया की बात की गई है?
उत्तर : कविता में एक छोटी और संतोषी चिड़िया की बात की गई है।

प्रश्न 2. चिड़िया अपनी चोंच से किस प्रकार के दाने खाती है ?
उत्तर : चिड़िया अपनी चोंच से दूध से भरे अधपके जुंडी (ज्वार-बाजरा) के दाने स्वाद से खाती है।

प्रश्न 3. चिड़िया का स्वभाव कैसा है ?
उत्तर : चिड़िया का स्वभाव संतोषी है।

प्रश्न 4. चिड़िया को किससे प्यार है ?
उत्तर : चिड़िया को अन्न, वन और नदी से प्यार है।

प्रश्न 5. “जल का मोती ले जाती है।” पंक्ति का क्या आशय है ?
उत्तर : इस पंक्ति का आशय है कि चिड़िया पानी की मोती जैसी बूँद को अपनी चोंच में लेकर जाती है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

क) वह चिड़िया जो कविता का सारांश लिखिए । 

उत्तर: ‘वह चिड़िया जो’ कविता के कवि केदारनाथ अग्रवाल हैं। इस कविता में कवि ने एक छोटी-सी सुंदर चिड़िया के जीवन, उसके स्वभाव और उसकी विशेषताओं का बहुत ही सरल और रोचक ढंग से वर्णन किया है। कवि चिड़िया के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता और सादगी को दिखाते हैं।

कविता में चिड़िया बताती है कि वह खेतों में जाकर ज्वार के दूध से भरे दानों को अपनी छोटी-सी चोंच से चुगती है। वह उन दानों को बड़े शौक और आनंद के साथ खाती है। इससे पता चलता है कि वह बहुत संतोषी स्वभाव की है और जो भी भोजन उसे मिलता है, उसी में खुश रहती है। उसे अन्न यानी अनाज से बहुत प्यार है।

इसके बाद चिड़िया अपने मधुर कंठ से जंगल में मीठे गीत गाती है। वह बूढ़े वन-बाबा यानी जंगल को प्रसन्न करने के लिए अपना गला खोलकर गाती है। उसके मीठे गीतों से जंगल का वातावरण आनंद और खुशी से भर जाता है। वह बहुत प्यारी और मधुर बोलने वाली चिड़िया है। उसे शांत और एकांत स्थान में रहना बहुत अच्छा लगता है, इसलिए उसे जंगल और प्रकृति से बहुत प्रेम है।

कविता में आगे बताया गया है कि यह छोटी चिड़िया बहुत साहसी और स्वाभिमानी भी है। वह बिना डरे नदी के पास जाती है और अपनी चोंच से पानी को टटोलकर उसमें से मोती जैसी चमकती बूंदें ले आती है। इससे उसके साहस, परिश्रम और आत्मविश्वास का पता चलता है। चिड़िया को नदी से भी बहुत प्यार है और वह प्रकृति के हर रूप से जुड़ी हुई है।

इस प्रकार इस कविता में कवि ने एक छोटी-सी चिड़िया के माध्यम से उसके सरल, संतोषी, साहसी और प्रकृति-प्रेमी स्वभाव का सुंदर चित्र प्रस्तुत किया है। यह कविता हमें प्रकृति से प्रेम करने, संतोषी बनने और साहसी बनने की प्रेरणा देती है।

ख) चिड़िया कौन-कौन से कार्य करती है?
उत्तर :
चिड़िया अपनी चोंच मारकर ज्वार के दाने खाती है। वह बूढ़े वन-बाबा (जंगल) को प्रसन्न करने के लिए मधुर गीत गाती है। वह बढ़ी हुई नदी के जल को टटोलकर उसमें से मोती जैसी बूंदें ले आती है। उसे अन्न, जंगल और नदी से बहुत प्यार है।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए – 

(क)
“वह छोटी संतोषी चिड़िया
नीले पंखों वाली मैं हूँ
मुझे अन्न से बहुत प्यार है।”

(i) इस पद्यांश के कवि कौन हैं? यह किस शीर्षक से उद्धृत है?
उत्तर :
इस पद्यांश के कवि श्री केदारनाथ अग्रवाल हैं। यह कविता ‘वह चिड़िया जो’ शीर्षक से उद्धृत है।

(ii) चिड़िया को किससे प्यार है? उसे संतोषी क्यों कहा गया है?
उत्तर :
चिड़िया को अन्न (अनाज) से बहुत प्यार है। उसे संतोषी इसलिए कहा गया है क्योंकि वह जुंडी (ज्वार) के दूध भरे दानों को बड़े शौक और आनंद से खाकर खुश हो जाती है और उसी में संतुष्ट रहती है।

(ख)
“वह छोटी मुँह बोली चिड़िया
नीले पंखों वाली मैं हूँ।
मुझे विजन से बहुत प्यार है।”

(i) चिड़िया को मुँह बोली क्यों कहा गया है?
उत्तर :
चिड़िया सबको बहुत प्यारी लगती है। वह मीठी बोली बोलती है और मधुर गीत गाती है। इसलिए उसे मुँह बोली चिड़िया कहा गया है।

(ii) विजन का क्या अर्थ है? चिड़िया को विजन से क्यों प्रेम है?
उत्तर :
विजन का अर्थ एकांत या सुनसान स्थान होता है। चिड़िया को विजन से इसलिए प्रेम है क्योंकि वह एकांत में निडर होकर उड़ती-फिरती है और अपने मधुर कंठ से गीत गाती है। वहाँ वह बूढ़े वन-बाबा (जंगल) को प्रसन्न करने के लिए भी गीत गाती है।

भाषा बोध –

क) निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द :

1. चिड़िया – पक्षी, पंछी, खग।
2. नदी – सरिता, नद, तरंगिणी।
3. मोती – मुक्त, मौक्तिक, रत्न।
4. दूध – दुग्ध, क्षीर, पय।
5. वन – जंगल, अरण्य, कानन।

ख) चिड़ी में या जोड़कर चिड़िया शब्द बना है। इसी प्रकार कुछ और शब्द बनाकर लिखो। 

उत्तर :
जैसे चिड़ी + या = चिड़िया शब्द बना है, उसी प्रकार –

  1. बुढ़ी + या = बुढ़िया
  2. डिब्बी + या = डिब्बिया
  3. गुड़ि + या = गुड़िया
  4. चुह + या = चुहिया
  5. बछ + या = बछिया

इस प्रकार कई शब्दों के साथ ‘या’ जोड़कर नए शब्द बनाए जा सकते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :

क) ‘वह चिड़िया जो’ कविता के माध्यम से क्या सीख दी गई है? उसे हम अपने जीवन में कैसे अपना सकते हैं?

उत्तर :
प्रगतिवादी कवि केदारनाथ अग्रवाल ने ‘वह चिड़िया जो’ कविता के माध्यम से हमें कई अच्छी बातें सिखाई हैं। कवि ने छोटी चिड़िया के उदाहरण से बताया है कि हमें संतोषी, परिश्रमी, साहसी और प्रकृति से प्रेम करने वाला बनना चाहिए। चिड़िया बहुत संतोषी स्वभाव की है। वह ज्वार के दूध से भरे दानों को अपनी चोंच से खाकर ही प्रसन्न हो जाती है। इससे हमें यह सीख मिलती है कि मनुष्य को भी अपने परिश्रम से जो मिले, उसी में संतुष्ट रहना चाहिए और अन्न का सम्मान करना चाहिए। अन्न हमारे जीवन का आधार है, इसलिए हमें अन्न का एक भी कण व्यर्थ नहीं करना चाहिए।

चिड़िया अपने मधुर कंठ से जंगल में मीठे गीत गाती है और वन-बाबा को प्रसन्न करती है। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए और सबके साथ मधुर वचन बोलने चाहिए। साथ ही चिड़िया को जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से बहुत प्रेम है। इससे हमें भी प्रकृति से प्रेम करने और पेड़-पौधों की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है, क्योंकि प्रकृति ही हमारे जीवन का आधार है।

कविता में चिड़िया का साहस और स्वाभिमान भी दिखाई देता है। वह नदी से डरती नहीं, बल्कि उसके जल को टटोलकर मोती जैसी बूंदें ले आती है। इससे हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में सफलता पाने के लिए साहस और मेहनत बहुत जरूरी है। बड़ी सफलता पाने के लिए हमें कठिनाइयों का सामना करते हुए प्रयास करना चाहिए।

इस प्रकार इस कविता के माध्यम से हमें संतोष, परिश्रम, साहस, बड़ों का सम्मान और प्रकृति से प्रेम करने की प्रेरणा मिलती है। यदि हम इन गुणों को अपने जीवन में अपनाएँ, तो हमारा जीवन सुखी और सफल बन सकता है।

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